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कुरान की ताकत

दो  मिनट  निकाल  के  पढे.... जब  हम  "कुरान" ऊठाते  है  तो,                                                   शैतान  के  सिर  में  दर्द  होता  है. जब  हम  "कुरान" खोलते है  तो,                                                  शैतान  परेशान  होता  है. जब  हम  "कुरान"  को  पढते  हैं,                                                तो  शैतान  कमजोर  होता  है तो  चलो  आओ  "कुरान"  पढे,                   ...

बहुत ही प्यारी हदीस,नबी करीम S.A.W.ने फरमाया

बहुत ही प्यारी हदीस ..है         प्लीज पूरा पढ़े .... नबी करीम S.A.W.ने फरमाया जब तुम कुछ भूल जाओ तो मुझ पर दरूद भेजो ...इंशाअल्लाह याद आ जाएगा .... ये बहुत कीमती हदीस है सब को ज़रूर बताओ अपने दिल में मत रखना .. सवाल ...नमाज़ में दो सज़दे क्यों हें .....? जवाब ..जब अल्लाह ने फरिश्तों को हुकुम दिया की . आदम A.S...को सजदा करो तो उन्होने सजदा किया लेकिन इब्लीस  ने नही किया तो उसको मर्दूद  करार दे कर उसको जन्नत से निकाल दिया .... इब्लीस की ये हालत देख कर फरिश्तों ने सजदा-ए-शुक्र अदा किया और कहा ए अल्लाह तेरा शुक्र हे की तूने हमे अपना हुक्म बजा लेने और अपनी इबादत करने की तौफिक अता फरमाई ... वो दो सज़दे आज तक नमाज़ में अदा किये जा रहे हें ... 1..सजदा-ए-हुक्म 2..सजदा-ए-शुक्र 1.सहाबी ने हुजूर  S.A.W.से पूछा हमे केसे पता चलेगा की हमारी नमाज़ कुबूल हो गई ?    आप S.A.W.ने फरमाया जब तुम्हारा दिल अगली नमाज़ पढ़ने के लिये बेकरार हो तो समझ जाओ की तुम्हारी नमाज़ कुबूल हो गई है          सुभान अल्लाह .. क...

जंग_ए_बदर • में नमाज़ में हुजूर ﷺ का मुश्कुराना

जंग_ए_बदर • में नमाज़ में हुजूर ﷺ का मुश्कुराना पोस्ट पूरी जरूर पढ़े हुज़ूर पुरनूर नबी ए करीम ﷺ अपने 313 सहाबा ए किराम अज़मइन के साथ सन् 2 हिजरी में मदीने शरीफ से बदर के मुक़ाम तक पहुंचे जहा #कुफ्फार के साथ जंग ए बदर का मशहूर वाकया रुनुमा हुआ | जब आप लोग बदर के मुक़ाम पे पहुंचे तो रात हो चुकी थी उस वक़्त अरब के क़ाइम कर्दा अक़ाइद के तहत ये तय पाया गया की जंग सुबह होगी लिहाज़ा रात भर आराम किया जाये, लिहाज़ा एक तरफ मुसलमानो के लश्कर ने पड़ाव डाला जबकि दूसरी ज़ानिब कुफ्फार अपने लश्कर के साथ ठहरे, हालांकि अगर पता हो की सुबह जंग होने वाली हे तो मारे #खौफ के कहा नींद आँखों में आएगी सहाबा ए इकराम रज़ियल्लाहो अन्हो तो शहादत पाने की ख़ुशी में और ज़ज़्बा ए इमानी से सरशार वेसे भी न सो सके की सुबह न जाने किसकी किस्मत में जाम ए #शहादत नोश करना लिखा हो मगर अल्लाह त'आला की क़ुदरत ए कामला के उस ज़ात ए पाक ने तमाम इस्लामी लश्कर को सुकून की नींद मुहैया की कि इससे पहले सहाबा ए इकराम कभी ऐसी #पुरसुकून नींद न सोये थे  !! उधर कुफ्फार को अल्लाह करीम की क़ुदरत ए कामला से रात भर एक खौफ तारी कर दिया गया जिससे उनको स...